जोधपुर की ढाई हजार स्कूलों में बिजली नहीं, गर्मी में झुलस रहा देश का भविष्य||

Posted on 04/05/2016

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प्रारंभिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की हालत दयनीय है। एक तरफ जहां राज्य सरकार ढोल-नगाड़े बजाकर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को लाने का दंभ भर रही है, वहीं जोधपुर जिले के प्रारंभिक शिक्षा की स्कूलों में नाम मात्र की सुविधाओं के आंकड़े अलग कहानी बयां कर रहे हैं। सवाल यह है कि इन असुविधाओं में कौन अभिभावक अपने बच्चों का सरकारी स्कूल में दाखिला करवाएगा।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार जोधपुर जिले में कुल 31 सौ 45 स्कूलों में से 24 सौ 26 विद्यालयों में बिजली नहीं हैं। यहां हजारों विद्यार्थी रोज शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। देश का भविष्य गर्मी में झुलस रहा है। जबकि विभाग के जिम्मेदारों का कहना है कि गांव में बिजली आने के बाद स्कूल में विद्युत कनेक्शन हो जाएगा। अभी तक शहर की कई स्कूलों में बिजली नहीं है, जबकि यहां आस-पास भरपूर बिजली की सुविधा है। शहर में भी कुछ स्कूल केबिन में संचालित हो रहे हैं।

प्रवेशोत्सव का बजा रहे बिगुल

शिक्षा विभाग इन दिनों प्रवेशोत्सव का बिगुल बजा रहा है। एक के बाद एक पत्र प्रवेशोत्सव व नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षा कार्यालय में पहुंच रहे है। विभाग सरकारी स्कूलों का बखान और सरकारी योजनाओं का प्रलोभन दे रहा है। इस हकीकत को विभाग कई भी प्रदर्शित नहीं कर रहा है।

कई स्कूलों में विद्यार्थी अनुपात में शिक्षक नहीं

शिक्षा विभाग की कई स्कूलों में विद्यार्थी अनुपात में शिक्षक नहीं है। बीते सत्र में शिक्षकों के अभाव में ढेरों स्कूलों में तालाबंदी व विरोध प्रदर्शन हुआ। उस ओर शिक्षा विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं स्टाफिंग पैटर्न के नाम पर स्कूलों में 12वीं साइंस मैथ्स विषय होने के बावजूद गणित शिक्षक का पद ही तोड़ दिया गया।

इनका कहना है

पानी पीने की सुविधा तो है, नल कनेक्शन नहीं है। टांके भर पानी बच्चों को पिलाया जाता है। उच्च प्राथमिक स्कूलों में बिजली आ जाएगी। दीनदयाल उपाध्याय योजना में गांवों में बिजली पहुंचेगी। इसके साथ ही स्कूलों में भी बिजली सुविधा आ जाएगी। माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों में बिजली कनेक्शन की सुविधा पूरी है।

– नूतनबाला कपिला, उपनिदेशक, प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा

 Source:- rajasthanpatrika.patrika.com

 

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