आमिर खान का कचरा मुक्त जोधपुर का ‘सपना’ रहा अधूरा||

Posted on 08/04/2016

aamir in jodhpur

जोधपुर शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने और कचरा प्रबंधन के लिए जोधपुर में कई बड़े अभियान चलाए गए। फिल्म अभिनेता आमिर खान को जनजागरूकता के लिए और जोधपुर को कचरा मुक्त बनाने का संदेश देने के लिए बुलाया गया। बड़े भारी-भरकम कार्यक्रम में हजारों की तादाद में उपस्थित लोगों को आमिर खान ने कचरे का निस्तारण करने के लिए उसे कचरा पात्र में ही डालने की बात कही।

इस दौरान निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण योजना को वापस शुरू किया। करीब 18 माह में शहर को कचरा मुक्त करने का सपना अब भी सपना ही बना हुआ है। खुद नगर निगम भी इस बात को लेकर गंभीर नहीं है। फरवरी 2016 में ही 18 माह पूरे हो गए, लेकिन आज भी शहर कचरा मुक्त नहीं हो पाया है। जबकि खुद आमिर खान ने इस अभियान में अपनी ओर से 11 लाख रुपए दिए थे।

साथ ही यह भी कहा था कि अगर जोधपुर 18 माह में कचरा मुक्त हो जाएगा तो वापस आएंगे, लेकिन एेसा नहीं हुआ। तो अब क्या आमिर खान जोधपुर नहीं आएंगे। हालांकि कुछ समय पहले ही जोधपुर में रहने वाले एक आमिर खान के फेन जब उनसे मिलने घर गए थे तो खान ने पूछा था कि कैसी चल रही है जोधपुर की सफाई व्यवस्था।

ये हुए थे प्रयास

1 जनसहयोग से खरीदी थी ट्राइसाइकिल: नगर निगम की ओर से इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनसहयोग से करीब 100 ट्राइसाइकिलों की खरीद की थी। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर इस योजना के तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य सॉलिड-लिक्विड रिर्सोसेज एंड मैनेजमेंट (एसएलआरएम) को कार्य सौंपा गया था।

इसलिए विफल हुई योजना : करीब एक साल बाद ही इस योजना को बंद कर दिया, क्योंकि इन ट्राइसाइकिलों का बेहतर संचालन नहीं किया जा सका। घर-घर कचरा संग्रहण भी पूरे तरीके से निगमकर्मियों ने नहीं किया। इसके चलते अब यह ट्राइसाइकिलें कबीर नगर स्थित निगम के एक डिपो में पड़ी हुई कबाड़ हो रही हैं।

2 डोर-टू-डोर योजना : निगम लंबे समय से शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना को शुरू करना चाहता था, लेकिन बार-बार भुगतान के कारण कंपनियां इस कार्य को छोड़कर जाती रहीं। इसके बाद प्रशासन के सहयोग से एसएलआरएम को यह कार्य दिया गया। योजना के तहत करीब एक साल तक कार्य हुआ भी। उसके बाद बंद हो गया। हालांकि अभी भी शहर की 45 कॉलोनियों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण योजना चल रही है।

इसलिए बंद हुआ कचरा संग्रहण: निगम की माने तो उस समय निगम और प्रशासन की ओर से ही कचरा संग्रहण का कार्य चल रहा था, लेकिन जनता का पूरा सहयोग नहीं मिलने और निगमकर्मियों के इस योजना के प्रति लापरवाही बरतने के कारण निगम को खुद ही इस योजना को बंद करना पड़ा।

3 जनजागरूकता : अभियान को सफल बनाने के लिए निगम की ओर से प्रचार-प्रसार किया गया। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए आमिर खान के पोस्टर भी लगाए गए। इसके अलावा जनता को इस बारे में भी बताया गया कि वो कचरा इस गाड़ी में डालें ताकि शहर की सड़कें गंदी न हो।

रही कमी: प्रचार-प्रसार करने के बाद भी शहर के अधिकांश इलाकों में जनता कचरा ट्राइसाईकिल में डालने की बजाए घरों के बाहर ही रखती रही। इससे न तो कचरा संग्रहण योजना सही तरीके से संचालित हो पाई और न ही शहर साफ हुआ।

अब कर रहे हैं यह प्रयास

फिर से होंगे डोर-टू-डोर के टेंडर: निगम की ओर से एक बार फिर डोर-टू-डोर योजना को शुरू करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत दो माह पूर्व ही डोर-टू-डोर योजना के टेंडर निकाले गए थे, लेकिन तीनों जोन के लिए निकाले गए टेंडर में केवल ग्वालियर की एक कंपनी ने टेंडर भरा।

इसके चलते निगम इसी माह की 20 तारीख को फिर से टेंडर निकालेगी। हालांकि अभी भी ठेकेदार इस योजना में पूर्व की कंपनियों को समय पर भुगतान नहीं होने के कारण ज्यादा भाग नहीं ले रही हैं।

कचरे से बिजली बनाने के टेंडर भी इसी माह: निगम की अब शहर से प्रतिदिन उठने वाले 400 टन कचरे से बिजली बनाने की योजना है। इस योजना के तहत निगम ने कैरू में आने वाले कचरे के निस्तारण के लिए पूरा प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसका टेंडर भी 21 अप्रेल को निकाला जाएगा।

11 हजार टॉयलेट बनाने का लक्ष्य, अब तक 500 बने : स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगम को जोधपुर में करीब 11 हजार टॉयलेट बनाने का लक्ष्य दिया गया है। निगम की ओर से अभी तक पूरे शहर में 500 टॉयलेट ही बन पाए हैं। इसके लिए सरकार की ओर से प्रत्येक टॉयलेट निर्माण के लिए 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।

जनजागरूकता के लिए होंगे नुक्कड़ नाटक: शहर को स्वच्छ रखने के लिए निगम जल्द ही शहर के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन करके जनता को साफ-सफाई का संदेश देगा। इसमें एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज के 14 विद्यार्थी यह नाटक प्रदर्शित करेंगे। नुक्कड़ नाटकों का प्रदर्शन शनिवार से शुरू होगा।

 

Source:- rajasthanpatrika.patrika.com

1 Comment

  • Rohit

    09/04/2016

    Rather than Amir khan I think it should be the dream of all the jodhpurs then only it will be success full

Leave a Reply