जैसलमेर स्वर्णनगरी मे गड़ीसर तालाब पर 3.28 करोड़ का लाइट एंड साउंड सिस्टम शुरू होने से पहले ही फ्यूज!

Posted on 03/04/2016

jaisalmer talab

जैसलमेर स्वर्णनगरी की कलात्मक सुन्दरता और लोक संस्कृति से रु-ब-रु होने सात समंदर पार से आने वाले सैलानियों की आवक बढ़ाने के नवाचार को झटका लगा है। जयपुर के आमेर की तर्ज पर स्थानीय गड़ीसर तालाब पर रात्रिकालीन लाइट एंड साउण्ड सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव फिलहाल खटाई में है। छह माह पूर्व सरकार को प्रेषित 3.28 करोड़ के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिलने से यह स्थिति बनी है।

यहां सितंबर से मार्च तक सैलानियों की आवक रहती है, लेकिन इसके बाद यहां पर्यटकों की आवाजाही कम हो जाती है। ऐसे में जैसलमेर में पूरे साल पर्यटकों को आकर्षित करने व उनका ठहराव सुनिश्चित करने के लिए गड़ीसर सरोवर के बीच कलात्मक बंगलियों में आकर्षक लाइट व साउंड सिस्टम विकसित कर यहां रात में भी सैलानियों को आकर्षित करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक उसे मंजूरी नहीं मिली है।

नहीं है मनोरंजन केन्द्र

जैसलमेर में पर्यटन स्थलों के भ्रमण के अलावा यहां सैलानियों के मनोरंजन का साधन नहीं होने से जैसलमेर में पर्यटकों का ठहराव रात में नहीं हो पाता। सम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा यहां मनोरंजन के कोई साधन नहीं है। ऐसे में सैलानियों के ठहराव के लिए रात में गड़ीसर में लाइट एण्ड साउण्ड सिस्टम विकसित करने की योजना बनाई गई।

..तो बढ़ेगा जैसाण का आकर्षण

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार गड़ीसर में पर्यटकों के मनोरंजन के लिए रात्रिकालीन लाइट एण्ड साउण्ड सिस्टम से पर्यटकों का आकर्षण बढ़ सकता है। इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।

यूं किया जाना था नवाचार

सैलानियों को शांति व सुकून के प्राकृतिक माहौल में गड़ीसर की कलात्मक छतरियों पर आकर्षक लाइटिंग, सरोवर में रंग-बिरंगे फव्वारे लगा संगीत की धुन के बीच मनोरंजन व जैसलमेर के इतिहास की जानकारी देने की लगभग 3.28 करोड़ की योजना बनाई गई थी।

फैक्ट फाइल

– 3 दशक पहले जैसलमेर में पर्यटन ने पकड़ा जोर।

– 3 लाख के करीब देसी सैलानी आते है हर साल जैसलमेर भ्रमण पर।

– 75 हजार के करीब विदेशी सैलानियों की प्रतिवर्ष रहती है आवक।

– 250 होटलों का वर्तमान में जैसलमेर में हो रहा संचालन।

– 12 से अधिक पर्यटन स्थल स्वर्णनगरी में हैं आकर्षण का केन्द्र।

– 10 हजार से अधिक लोगों को पर्यटन व्यवसाय से मिल रहा रोजगार।

अभी है सुध लेने का समय

जानकारों के मुताबिक गड़ीसर तालाब में इन दिनों पानी कम होने व पर्यटन की दृष्टि से ऑफ सीजन से तालाब की सुध लेने का सही समय यही है। इन दिनों गर्मी का मौसम है। कुछ माह बाद पर्यटन सीजन का एक बार फिर आगाज होगा और यही गड़ीसर तालाब व यहां की छतरियों की सार-संभाल के लिए उचित समय है।

मेहमान भी हो रहे मायूस

स्थानीय बाशिंदों के साथ-साथ सैलानी भी गड़ीसर तालाब की कलात्मक सुन्दरता प्रभावित होने से मायूस है। सात समंंदर पार से स्वर्णनगरी भ्रमण पर आने वाले और देश के विभिन्न प्रांतों से पहुंचने वाले सैलानियों की सूची में गड़ीसर तालाब का नाम भी जरूरत होता है, लेकिन जिसे देखने के लिए वे इतनी दूरी तय कर यहां आते हंै, उसकी बदहाली देख उनके अरमानों पर पानी फिर जाता है।

स्वीकृति मिलने पर होगा नवाचार

जैसलमेर में पूरे साल पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गड़ीसर सरोवर में रात्रिकालीन लाइट व साउण्ड योजना शुरू करने का प्रस्ताव भिजवाया गया है। इसकी मंजूरी पर गड़ीसर का आकर्षण बढ़ाने को प्रभावी प्रयास होंगे।

– विश्वमोहन शर्मा, जिला कलक्टर, जैसलमेर

Source :- rajasthanpatrika.patrika.com

 

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