सकारात्मक पहल, डीडवाना तहसील के लोग नहीं रहे सरकार के भरोसे खुद ही कर दिया स्कूल का विकास||

Posted on 03/04/2016

didvana skul

डीडवाना तहसील के ग्राम खरेश के लोगों ने सरकार की ओर ताकने के स्थान पर आपसी सहयोग की अनुकरणीय मिसाल पेश करते हुए एक विद्यालय विकसित कर लिया। गांव के भामाशाहों ने गांव में शिक्षा की सुविधा के लिए सरकार से उम्मीद लगाने के स्थान पर आपस में मिलकर गांव की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का स्वयं के खर्च से न केवल विकास किया बल्कि शैक्षिक वातावरण बनाने में भी योगदान दिया। 

विद्यालय के प्रधानाचार्य बसंत कुमार रेणीवाल की प्रेरणा से गांव के विद्यार्थियों के शैक्षिक उत्थान के लिए भामाशाह  आगे आए और शैक्षिक वातावरण बेहतर बनाने के साथ ही विद्यालय विकास में भी बढ़-चढक़र योगदान दिया है। इसके चलते अब स्कूल में विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त भवन है। बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए शाला में कम्प्यूटर सेट सहित सभी अत्याधुनिक सुविधाएं है तो बच्चे दरी-चटाई के स्थान पर  स्टूल टेबल पर अध्ययन  करते हैं। यही नहीं स्कूल में अब लाइब्रेरी भी है, जहां विद्यार्थियों को  पुस्तकें मिल जाती है। इन सुविधाओं से गांव की यह सरकारी स्कूल निजी स्कूलों के समकक्ष आकर खड़ी हो गई है।

 

इन्होंने दिया योगदान

प्रधानाचार्य रेणीवाल ने बताया कि खरेश निवासी भामाशाह कमल किशोर, जगदीश प्रसाद, राजकिशोर दाधीच ने मिलकर विद्यालय में पांच कमरों का निर्माण करवाया है। साथ ही एक कम्प्यूटर भी भेंट किया है। इसी प्रकार रणवीर सिंह राठौड़ ने विद्यार्थियों के बैठने और पढऩे के लिए २५० टेबल-स्टूल  प्रदान किए। इसके अलावा ८वीं, १०वीं एवं १२वीं बोर्ड परीक्षा में प्रथम आने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को ११००/- रुपए प्रति छात्र-छात्रा प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए भविष्य में प्रथम आने वाले विद्यार्थियों को भी इसी तरह प्रोत्साहन देने का आश्वासन दिया। इसी प्रकार प्रहलादसिंह राठौड़ ने लाइबे्ररी के लिए दो टेबल व पीने के पानी के लिए एक प्याऊ का निर्माण करवाया। वहीं मदनलाल जांगिड़ व किशनाराम थालौड़ ने विद्यालय में एक-एक अलमारी भेंट की। जबकि भंवरसिंह राठौड़ ने एक वॉटर कूलर, आनन्द कंवर पत्नी बंशीलाल दमामी ने ६ छत पंखे भेंट किए। ग्राम पंचायत की ओर से पूर्व में एक हॉल व चारदीवारी का निर्माण भी करवाया गया है।

 

गांव का आदर्श विद्यालय

यह विद्यालय गांव का आदर्श विद्यालय है। गांव के भामाशाहों ने गांव में शिक्षा के उत्थान के लिए दिल खोलकर अपना योगदान दिया है। जिससे शाला का शैक्षिक वातावरण बेहतर हुआ है। जिसके परिणाम स्वरूप पिछले पांच साल से शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है।

बसंत कुमार रेणीवाल, प्रधानाचार्य

 

सकारात्मक पहल

विद्यालय विकास के लिए गांव के लोगों की पहल सकारात्मक है। इससे दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी और वे भी शैक्षिक विकास के लिए सरकारी स्कूलों को सहयोग करेंगे।

जयश्री सिखवाल, सरपंच

source :- rajasthanpatrika.patrika.com

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