बछ बारस महत्व, पूजा विधि, पूजन की सामग्री और कथा – AapnoJodhpur.com

Posted on 27/08/2019

बछ बारस का पर्व जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन मनाया जाता है| इस दिन गायऔर उसके बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस  को गौवत्स द्वादशी, वत्स द्वादशी और बच्छ दुआ भी कहते हैं। यह पर्व को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े (गाय के छोटे बच्चे) का महत्त्व समझाना है। बछबारस का पर्व राजस्थान में ज्यादा लोकप्रिय है|

Bachh Baaras 2019, 27 अगस्त 2019, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन पुत्रवती स्त्रियां अपने पुत्रों के सुख और दीर्घायु होने की कामना करती हैं। गायमें सैकड़ो देवताओं का वास माना जाता है तथा भगवान कृष्ण को गाय व बछड़ा बहुत प्रिय थे। ऐसा माना जाता है की गाय व बछड़े की पूजा करने से कृष्ण भगवानका, गाय में निवास करने वाले सैकड़ो देवताओं का और गाय का आशीर्वाद मिलता है जिससे परिवार में खुशहाली और सम्पन्नता बनी रहती है। जानिए Bachh Baaras 2019 Dateपूजा विधिशुभ मुहुर्त, बछ बारस महत्व, बछ बारस के नियम, बछ बारस पूजन की सामग्री, बछ बारस (गोवत्स द्वादशी) की कहानी समेत सभी जानकारी।

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