शीतला अष्टमी पूजन के बाद करे शीतला माता की कथा, शीतला माता के रूप का अर्थ – AapnoJodhpur.com

Posted on 28/03/2019

शीतला माता की कथा: शीतला माता को प्रसन्न करने के लिए चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि (शीतला अष्टमी) को उनकी पूजा की जाती हैं। कुछ स्थानों पर सप्तमी तिथि पर भी ये पर्व मनाया जाता है, जिसे शीतला सप्तमी कहते हैं। इस पर्व में एक दिन पूर्व बनाया हुआ भोजन किया जाता है, अत: इसे बसौड़ाबसियौरा व बसोरा भी कहते हैं। शीतला सप्तमी और शीतला अष्टमी की पूजा करने के बाद शीतला माता की कथा सुनी जाती है। इससे पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। शीतला सप्तमी या अष्टमी की पूजा करने की विधि  व महत्व

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