तीसरा नवरात्र का महत्‍व- माँ चंद्रघंटा को प्रसन्न करने का मंत्र, पूजा विधि, भोग व आरती – AapnoJodhpur

Posted on 11/10/2018

Maa Chandraghanta

माँ दुर्गा की नौ शक्तियों की तीसरी स्वरूप माँ चंद्रघंटा की नवरात्री के तीसरे दिन अर्चना की जाती है| Maa Chandraghanta is worshipped on the third tithi (day) of Navratri that is on October 11, 2018.  माँ दुर्गा का तीसरा स्वरूप (अवतार) चंद्रघंटा हैं। अपने मस्तक पर घंटे के आकार के अर्धचन्द्र को धारण करने के कारण माँ “चंद्रघंटा” नाम से पुकारी जाती हैं। अपने वाहन सिंह पर सवार माँ चंद्रघंटा का यह स्वरुप युद्ध व दुष्टों का नाश करने के लिए तत्पर रहता है। माँ चंद्रघंटा को स्वर की देवी भी कहा जाता है| She is the married form of Goddess Parvati.

शांति और समृद्धि का प्रतीक मां चंद्रघंटा की तीन आंखें और दस हाथ हैं जो दस प्रकार के हथियार इत्यादि रखते हैं। Goddess Chandraghanta carries Trishul, Gada, Sword and Kamandal in her four left hands and keeps the fifth left hand in Varada Mudra. She carries lotus flower, Arrow, Dhanush and Japa Mala in her four right hands and keeps the fifth right hand in Abhaya Mudra.  वह न्याय स्थापित करती है और चुनौतियों से लड़ने के लिए अपने भक्तों को साहस और ताकत देती है।

माँ चंद्रघंटा को प्रसन्न करने का मंत्र, पूजा विधि, भोग व आरती on AapnoJodhpur

Leave a Reply