Shraddh 2018 पितृपक्ष में श्राद्ध विधि: पितरों को खुश करने के लिए क्या करें और क्या ना करें ? – AapnoJodhpur

Posted on 27/09/2018

Shraddh

पितरो के उद्देश्य से विधि पूर्वक जो कर्म श्रद्धा से किया जाता हैं, उसे श्राद्ध (Shraddh) कहते हैं | This year Shraddh Paksh 2018 will be from September 24 (Monday) till October 8, 2018 (Monday). श्राद्ध का वर्णन मनुस्मृति आदि धर्मशास्त्रों ग्रंथो से प्राप्त किया जा सकता हैं | कर्मपुराण पुराण के अनुसार जो व्यक्ति शान्त मन होकर विधिपूर्वक श्राद्ध करता हैं, वह सभी पापों से रहित होकर मुक्ति को प्राप्त करता हैं, फिर संसार-चक्र में नहीं आता | अतः मनुष्य को पितृगण की संतुष्टि एवं अपने कल्याण के लिए श्राद्ध कर्म तथा दान तर्पण अवश्य करना चाहियें |

पितृपक्ष के साथ पितरो को विशेष सम्बन्ध रहता हैं | भाद्रपद की शुल्क पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन पितृ पक्ष यानि श्राद्ध पक्ष शुरू होते हैं, जो अमावस्या तक रहता हैं | शास्त्रों में पितृपक्ष में श्राद्ध करने की विशेष महिमा लिखी गयी हैं | जिसके अनुसार पितृपक्ष में श्राद्ध करने से पुत्र, आयु, आरोग्य, अतुल ऐश्वर्य और अभिलाषित वतुओ की प्राप्ति होती हैं|

15 दिन में 16 श्राद्ध होंगे और पितरों को खुश किया जाएगा। ऐसी मान्‍यता है कि इन दिनों में लोगों को भूलकर भी कुछ गलतियां नहीं करनी चाहिएं, वरना खुशियों को ग्रहण लग सकता है। इस दौरान बहुत सावधानियां बरतना आवश्यक है अन्यथा पितर नाराज हो जाते हैं ।श्राद्ध के दिन क्या करें और क्या नहीं, जानिए यहां AapnoJodhpur par

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