Bachh Baras 2018: बछ बारस महत्व, पूजन की सामग्री, पूजा व उद्यापन विधि और कथा – AapnoJodhpur

Posted on 07/09/2018

Bachh Baras 2018

भारतीय धार्मिक शास्त्रों के अनुसार बछ बारस प्रतिवर्ष जन्माष्टमी के चार दिन पश्चात भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी के दिन मनाया जाता है| इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है। बछ बारस Bachh Baras को गौवत्स द्वादशी और बच्छ दुआ bach dua भी कहते हैं। बछ यानि बछड़ा, गाय के छोटे बच्चे को कहते है, गोवत्स का मतलब भी गाय का बच्चा ही होता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य गाय व बछड़े का महत्त्व समझाना है। Bach Baras बछबारस का पर्वराजस्थानी महिलाओं में ज्यादा लोकप्रिय है|

इस दिन महिलायें बछ बारस का व्रत रखती है। यह व्रत सुहागन महिलाएं सुपुत्र प्राप्ति और पुत्र की मंगल कामना के लिए व परिवार की खुशहाली के लिए करती है। गाय और बछड़े का पूजन किया जाता है। इस दिन गाय का दूध और दूध से बने पदार्थ जैसे दहीमक्खनघी आदि का उपयोग नहीं किया जाता। इसके अलावा गेहूँ तथा इनसे बने सामान नहीं खाये जाते।

Read More on www.AapnoJodhpur.com

Leave a Reply