जय नारायण व्यास विश्वविध्यालय मे आज तक नहीं हैं Theatre Department,

Posted on 17/04/2016

जय नारायण व्यास विश्वविध्यालय एक मात्र ऐसा संस्थान हैं जिससे पश्चिमी राजस्थान के लगभग सभी विध्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, इन विध्यार्थियों मे कई ऐसे हैं जो रंगमंच/अभिनय मे अपना करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हे मजबूरन BA या B. Com करना पड़ता हैं। जय नारायण व्यास विश्वविध्यालय के पास इतना बड़ा कैम्पस हैं, और यहा थिएटर विभाग की शुरुआत करना कोई बड़ी बात नहीं हैं। लेकिन विश्वविध्यालय ने पिछले 25 सालो से इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि बहुत से छात्रो को स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने के लिए जयपुर, चंडीगढ़, त्रिचूर,हेदराबाद, आदि शहरो की तरफ दौड़ना पड़ता हैं।

इस तरह के विभाग को सुचारु रूप से चलाने के लिए, पाठ्यक्रम तैयार करने  के लिए राष्ट्रीय  नाट्य विध्यालय से प्रशिक्षित, प्रशिक्षक की आवश्यकता होती हैं।  जोधपुर से सर्वप्रथम ओमशिवपुरी, उसके बाद विजय माथुर, बी. एम.  व्यास ने राष्ट्रीय नाट्य विध्यालय मे प्रशिक्षण प्राप्त कर जोधपुर की तरफ रुख किया पर जोधपुर उनके हुनर को संरक्षण नहीं दे पाया, और इन सभी नए जोधपुर को छोड़ कर दिल्ली मुंबई जयपुर मे अपने ज्ञान का लोहा मनवाया और  जोधपुर के ये सारे पूत अपने शहर को दिल मे याद करते हुये पराए शहर मे रोजी रोटी के लिए बस गए।

आज फिर से वही स्थितियां बन रही हैं, जब राष्ट्रीय नाट्य विध्यालय के दो स्नातक अरु और स्वाति पिछले 13 साल से राजस्थान को छोड़ किसी अन्य राज्य मे अपनी सेवाए दे रहे हैं, जीविकोपार्जन के लिए अन्य कई  शहरो मे काम करने के बाद जोधपुर मे इसी ज़िद से आकर बस गए हैं कि यहाँ रंगमंच के क्षेत्र मे कुछ शुरू करना हैं इसके लिए जय नारायण व्यास विश्वविध्यालय से सम्बद्ध लोगो को ये बात पहुंचाने का कार्य मिल कर करने कि ज़रूरत है।निजी प्रयास शुरू हो चुके हैं, लेकिन  सामूहिक प्रयास से ही ये संभव हो सकेगा।

1 Comment

  • Rohit

    17/04/2016

    we totally support the agenda @avin91 @bhanu-pratap-singh @pchhangani @pratiksha @prabhatrathi @lkchahar @gauravgaur @westernrajasthan @himakshirathore @himanshu @anshulkattasoni @ayushm @karansinghsolanki @marumanush94

Leave a Reply